ऐश्वर्या का सुझाव है कि उनके पिता रजनीकांत अगर संघी आस्था रखते तो 'लाल सलाम' नहीं अपनाते।

'लाल सलाम' ऑडियो लॉन्च पर ऐश्वर्या के भाषण से उनके पिता रजनीकांत की आंखों में आंसू आ गए। उन्होंने सोशल मीडिया पर कई लोगों द्वारा उनके पिता को 'संघी' करार दिए जाने की बात कही।

लाल सलाम' के ऑडियो लॉन्च पर डायरेक्टर ऐश्वर्या ने कहा कि उनके पिता 'रजनीकांत संघी नहीं हैं'। 26 जनवरी को चेन्नई में हुए कार्यक्रम में ऐश्वर्या ने सोशल मीडिया पर उनके पिता को 'संघी' करार दिए जाने की बात कही थी। जब ऐश्वर्या ने मंच पर उनके और फिल्म के बारे में बात की तो थलाइवर की आंखों में आंसू आ गए।

उन्होंने कहा, "जब मेरे पिता ने स्क्रिप्ट सुनी, तो उन्होंने मुझसे पूछा कि क्या वह मोइदीन भाई की भूमिका निभा सकते हैं। मैं शुरू में झिझक रही थी। मैंने सोचा, उनकी बेटी होने के नाते, मुझे अभी भी उनकी विरासत को धूमिल करने का कोई अधिकार नहीं है। मैंने उनके बारे में कभी नहीं सोचा। इस भूमिका के लिए जब तक कि उन्होंने स्वयं सुझाव नहीं दिया।"

ऐश्वर्या ने शूटिंग के दौरान रजनीकांत का अपने बेटे की तरह ख्याल रखने के लिए सेनजी, तिरुवन्नामलाई और पांडिचेरी के लोगों को भी धन्यवाद दिया। इसके बाद ऐश्वर्या ने अपने पिता को धन्यवाद देते हुए कहा कि 'लाल सलाम' एक संवेदनशील विषय पर आधारित है और केवल मानवता वाला व्यक्ति ही इसे करने के लिए सहमत होगा।